रिपोर्ट – राहुल प्रताप सिंह
बिहार विधानसभा की चार सीटों पर 13 नवंबर को उप-चुनाव होने जा रहे हैं। महज एक महीने पहले बनी पार्टी जन सुराज आगामी उप-चुनाव में चारों सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपने प्रत्याशियों के प्रचार और जनसंवाद में पूरी तरह से जुटे हुए हैं। इसी क्रम में आज वे रामगढ़ विधानसभा पहुंचे जहां उन्होंने जन सुराज के प्रत्याशी सुशील सिंह कुशवाहा के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया।
प्रशांत किशोर ने स्थानीय सांसद कों बताया बाहुबली
बक्सर के सांसद के भाषण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सांसद जनता के प्रतिनिधि होते हैं। उनका काम जनता की सेवा करना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और उनकी आवाज उठाना होता है, किसी को डराना नहीं। अगर कोई व्यक्ति किसी को धमकाता है तो यह उसके चरित्र को दर्शाता है। इससे पता चलता है कि वह सांसद नहीं बल्कि बाहुबली हैं।
बिहार के नेताओं को मुफ्तखोरी की आदत हो गई है – पीके
आगे प्रशांत किशोर ने कहा की बिहार के नेताओं को मुफ्तखोरी की आदत हो गई है लेकिन अब उनकी मुफ्तखोरी जल्द ही खत्म होने वाली है, अब जनता के पास जन सुराज का विकल्प है.
नीतीश कुमार के शासन में अफसरों का राज था लालू जी का जंगल राज – पीके
आगे पत्रकार वार्ता में पीके ने कहा की लालू जी भाजपा का डर दिखाकर और भाजपा लालू जी का डर दिखाकर वोट लेते रहे हैं। इसका कारण यह था कि जनता के पास कोई बेहतर विकल्प नहीं था लेकिन अब जनता के पास जन सुराज के रूप में बेहतर विकल्प है। इसलिए जल्द ही इन नेताओं और पार्टियों की मुफ्तखोरी खत्म होने वाली है। जनता ने लालू जी, नीतीश जी और मोदी जी को मौका देकर देख लिया लेकिन लोगों के जीवन में कोई बुनियादी बदलाव नहीं आया। लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। अब जनता को चुनना होगा कि उन्हें जनता का राज चाहिए या नीतीश कुमार के अफसरों का राज या लालू जी का जंगल राज।

