बिहार चुनाव कों लेकर इस वक्त सरगर्मी तेज है सभी राजनीतिक दल जातीय समीकरण साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है ऐसे में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पटना के बापू सभागार में 29 जून कों आयोजित वैश्य समाज सम्मेलन में शामिल हुए यहां उन्होंने वैश्य समाज से कई वादें किये अगर उनकी सरकार बनती है तो जान – माल की सुरक्षा और सत्ता में भागीदारी देंगे।
हमारी सरकार बनती है तो आपकी जान- माल की करेंगे सुरक्षा – तेजस्वी
वैश्य समाज सम्मेलन में तेजस्वी यादव ने लोगो कों संबोधित करते हुए कहा की अगर 2025 में हमारी सरकार बनती है तो आपकी जान माल की सुरक्षा की जिम्मेवारी हमारी होगी इसके साथ वैश्य समाज के लोगो कों सत्ता में भागीदारी भी देंगे हम अपने वादे पर पहले की तरह अडिग रहेंगे। आगे तेजस्वी ने कहा की अगर आपलोग मेरे लिए एक कदम आगे बढ़ाते है तो हम आपके लिए चार कदम आगे बढ़ाएंगे हालांकि तेजस्वी यादव ने जब वे बिहार के सत्ता में थे तब वैश्य समाज कों दिये गये प्रतिनिधित्व और योगदान का भी जिक्र किया।
बनिया का मतलब होता है “बनिए”, बिगड़िए और बिगाड़िए मत!
तेजस्वी ने कहा वैश्य वर्ग ने व्यापार बढ़ाया-बनाया, समाज को बनाया-बढ़ाया, समृद्धि लाई। अब बिहार को बनाने की बारी है। आप लोग मिलकर बिहार को बनाने और बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाइए। यही हम सभी का उद्देश्य होना चाहिए।
राजद सरकार में 8 मंत्री वैश्य वर्ग से थे
20 वर्षों की NDA सरकार में कभी इतने मंत्री रहे है? हमारी पार्टी के 9 साल प्रदेश अध्यक्ष वैश्य वर्ग से रहे। राज्यसभा में पार्टी के संसदीय दल के नेता वैश्य है। पार्टी संगठन में नंबर-2 का पद “प्रदेश प्रधान महासचिव” वैश्य है। लोकसभा में राजद गठबंधन ने वैश्यों को NDA से अधिक टिकटें दी।
सम्मेलन के बहाने तेजस्वी की 2025 विधानसभा की तैयारी
बता दें की तेजस्वी यादव के सम्मेलन में शामिल होने के पीछे सियासी नजर कुछ और ही इशारा करती है तेजस्वी आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कोई कसर नहीं छोड़ने वाले है ऐसे में वैश्य समाज जिसे भाजपा का वोट बैंक कहा जाता है उसमे सेंधमारी कर अपनी तरफ घीचना चाहते है।
वैश्य समाज आयोग बनाने की है मांग
बता दें की पटना के बापू सभागार में यह आयोजन बिहार सरकार में पूर्व मंत्री सह राष्ट्रीय वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर कुमार महासेठ की अध्यक्षता में की गयी थी जानकारी के लिए बता दें वैश्य समाज विगत कई वर्षो से वैश्य समाज आयोग बनाने का मांग कर रहा है जिसको नीतीश सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया है और न नहीं कोई ठोस पहल किया है।

