क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे देश के अगले उपराष्ट्रपति ? बिहार में चर्चा तेज …

21 जुलाई सोमवार कों उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ के इस्तीफे के बाद देश में अगले उपराष्ट्रपति कों एक लेकर एक नाम कि चर्चा तेज हो गयी है बिहार के सियासी गलियारें में बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कों उपराष्ट्रपति बनने कों लेकर चर्चा हो रही है। पढ़िए इनसाइड स्टोरी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे देश के अगले उपराष्ट्रपति

बता दें कि 21 जुलाई सोमवार कों देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ पद इस्तीफा दे दिये। इस्तीफा का कारण स्वास्थ्य सबंधी बताया। इनके इस्तीफे के बाद देश के अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा इसकी चर्चा चारों तरफ होने लगी इसी चर्चा में से एक नाम निकलकर सामने आ रही है वो नाम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार है उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर अगले उपराष्ट्रपति नीतीश कुमार कों लेकर चर्चा तेज है। विगत कुछ वर्षो से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कों लेकर यह चर्चा है कि उम्र के हवाला कों देखते हुए नीतीश कुमार कों बिहार कि राजनीति से निकलर देश के बड़े पद पर बैठना चाहिए। वर्ष 2022 में दिवंगत राज्य सभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार जब NDA से अलग होकर महागठबंधन के साथ रिकॉर्ड आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से ठीक पहले संवाददाताओं से कहा था कि “कुछ जद(यू) के लोग यह कहने आए थे कि ‘नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति बना दो और तुम बिहार में शासन करो’।”

जदयू ने पहले भी किया है ख़ारिज

वही 2022 में इसी बात कों लेकर तत्कालीन जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन ललन सिंह ने भी मोदी के आरोपों को खारिज कर दिया था उन्होंने कहा कि जब मीडिया रिपोर्टों में पहली बार यह अनुमान लगाया गया था कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश भाजपा से नाता तोड़ते हैं, तो वे विपक्ष के राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हो सकते हैं, तब जदयू ने ऐसी किसी भी संभावना से साफ इनकार किया था।

उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद शुरू हुई राजनीति

उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ के इस्तीफे के बाद सियासी चर्चा तेज हो गयी है कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सह सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील कि है कि वो जगदीप धनकड़ कों मनाएं जयराम रमेश ने इस्तीफे के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लम्बा पोस्ट किया है जिसमें लिखा है कि उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति का अचानक इस्तीफा जितना चौंकाने वाला है, उतना ही अकल्पनीय भी है। आज शाम करीब 5 बजे तक मैं उनके साथ था, वहां कई अन्य सांसद भी साथ थे, और शाम 7:30 बजे मेरी उनसे फोन पर बातचीत भी हुई थी।

निःसंदेह, श्री जगदीप धनखड़ को अपने स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि उनके इस बिल्कुल अप्रत्याशित इस्तीफे के पीछे जो दिखाई दे रहा है, उससे कहीं अधिक है। हालांकि, यह समय अटकलें लगाने का नहीं है। श्री जगदीप धनखड़ ने सरकार और विपक्ष,दोनों को समान रूप से आड़े हाथों लिया। उन्होंने कल दोपहर 1 बजे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक बुलाई थी और न्यायपालिका से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण घोषणा करने वाले थे।

हम उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं और उनसे आग्रह करते हैं कि वे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करें। हम प्रधानमंत्री से भी अपेक्षा करते हैं कि वे श्री जगदीप धनखड़ को अपना मन बदलने के लिए राज़ी करें। यह देशहित में होगा। विशेष रूप से कृषक समुदाय के लिए यह एक बड़ी राहत होगी।

वही बिहार के पूर्णिया लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने उपराष्ट्रपति धनकड़ के बाद बड़ा सवाल खड़ा करते हुए सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा है कि ‘ इतनी आसानी से इस्तीफ़ा तो नहीं हुआ है खेल तो बहुत ही गहरा है, बहुत बड़ा गेम है ‘