पीयू प्रशासन की नाकामी आई सामने, बिना ठोस कारण छात्र संघ चुनाव किया स्थगित

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को पीयू प्रशासन ने अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है. पीयू प्रशासन के द्वारा बिना ठोस कारण बताये चुनाव को रद्द कर दिया गया. पुसू चुनाव स्थगित की खबर फैलते ही छात्र नेताओं में आक्रोश देखने को मिल रहा है.

पटना विश्वविद्यालय परिसर में पिछले कुछ दिनों से जारी अराजकता और हिंसक झड़पों के मद्देनजर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. छात्र कल्याण डीन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 2025-26 के छात्र संघ चुनाव अगली सूचना तक स्थगित कर दिए गए हैं. इस निर्णय का मुख्य कारण परिसर में घटी कई घटनाएं बताई जा रही हैं, जिन्होंने विश्वविद्यालय की शांति और व्यवस्था को पूरी तरह से भंग कर दिया.

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 21 फरवरी 2026 को पटना साइंस कॉलेज में घटी घटना को लेकर स्थगित किया है. जहाँ छात्रों ने एक कक्षा में घुसकर न केवल पठन-पाठन में बाधा डाली, बल्कि एक शिक्षक और विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ अमर्यादित व्यवहार और हाथापाई की. सीसीटीवी में कैद इस हिंसक वारदात में शिक्षक की पिटाई के बाद कैंपस का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था. इस घटना से आहत होकर दोनों कॉलेजों के शिक्षकों ने पहले ही चुनाव कार्यों के बहिष्कार का निर्णय ले लिया था. पीयू प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है की विश्वविद्यालय में अनुशासन जरूरी है.

छात्र नेता तारिक अनवर ने बताया की चुनाव को लेकर पटना विश्वविद्यालय प्रशासन की आधी अधूरी तैयारी उजागर हुई है. कोई गड़बड़ी अगर हो रही है या नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो चुनाव संचालन कमेटी को एक्शन लेना चाहिए.
चुनाव को ही स्थगित करना कहीं से सही नहीं है. विश्वविद्यालय प्रशासन को यह बताना चाहिए कि अबतक कितनी गड़बड़ियों का उसने संज्ञान लिया और क्या एक्शन लिया.

बता दें की पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए नामांकन तिथि खत्म होने के साथ ही पुलिसिया कार्रवाई भी तेज हो गई थी. 24 घंटे में ही अध्यक्ष पद के एक प्रत्याशी सहित नौ छात्रों को गिरफ्तार किया गया था. यही नहीं 25 फरवरी को पटना वीमेंस कॉलेज में होने वाले छात्रसंघ चुनाव के अध्यक्षीय भाषण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया था. अब छात्र संघ चुनाव स्थगित कर दिया गया है.