उद्योगपति गोपाल खेमका की पटना में गोली मारकर हत्या, उद्योग जगत में आक्रोश

बिहार में पुलीसिया इकबाल खत्म हो गयी है। अपराधियों में पुलिस का भय नहीं रहा। खबर बिहार की राजधानी पटना से है जहाँ शुक्रवार की देर रात गांधी मैदान थाना क्षेत्र के रामगुलाम चौक के पास बड़े उद्योगपति गोपाल खेमका की गोलीमार हत्या कर दी गयी। आनन-फानन में मेडिवर्सल अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही पूर्णिया लोकसभा से सांसद पप्पू यादव अस्पताल पहुंचे। पटना के पॉश इलाकें में हुई इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल उठ रहे है।

कब और कैसे हुई घटना

जानकारी के अनुसार उद्योगपति गोपाल खेमका गांधी मैदान रामगुलाम चौक होटल पनाश के बगल में स्थित कटारका निवास के पास सवार अपराधियों ने सिर में बंदूक सटाकर गोली मार दी। आनन-फानन में मेडिवर्सल अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मिल रही जानकारी के अनुसार गोपाल खेमका बांकीपुर क्लब से घर लौट रहे थे तभी अपराधियों ने इस घटना अंजाम दिया।

कौन है गोपाल खेमका ?

बता दें की गोपाल खेमका बिहार के बड़े उद्योगपति में गिनती आते है। एमबीबीएस तक की पढ़ाई की थी।उनका पेट्रोल पंप, कई फैक्ट्री है और अस्पताल का बिजनेस है। गोपाल खेमका बांकीपुर क्लब से भी जुड़े हुए है बांकीपुर क्लब के सचिव भी रह चुके है वर्तमान में सदस्य थे।

परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाया सवाल

गोपाल खेमका के छोटे भाई शंकर खेमका ने पटना पुलिस पर बड़ा सवाल खड़ा किया है शंकर खेमका ने कहा की घटना स्थल से महज 300 मीटर दुरी पर गांधी मैदान थाना स्थित इसके बावजूद पुलिस कों घटना स्थल तक पहुंचने में डेढ़ घंटे लग गये।

सांसद पप्पू यादव पहुंचे अस्पताल

घटना के जानकारी के बाद मौके पर पूर्णिया लोकसभा सांसद पप्पू यादव पहुंचे है। वे इस घटना के बाद नीतीश कुमार के शासन पर बड़ा सवाल खड़ा किया है पप्पू यादव ने एक्स सोशल मीडिया अकाउंट लड़ लिखा है नीतीश जी बिहार कों बख्श दीजिये। महा गुNDAराज में कोई सुरक्षित नहीं है, अपराधियों का अभ्यारण्य बन गया
बिहार!

2018 में बेटे की भी हुई थी हत्या

बता दें वर्ष 2018 में उद्योगपति गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हत्या कर दी गयी थी। वर्ष 2018 में गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने उस मामले में मस्तु सिंह नामक अपराधी को गिरफ्तार किया था। जेल से निकलने के बाद मस्तु सिंह की भी हत्या कर दी गई थी।