दरभंगा जिले के घनश्यामपुर प्रखंड नदियामी गांव के शुभम कुमार झा ने नीट यूजी मेडिकल परीक्षा में सफलता पाकर जिले का नाम रोशन किया। शुभम को ऑल इंडिया रैंकिंग में 490वां स्थान तथा ईडब्लूएस केटेगरी में 29वां स्थान मिला है। पिता भोगेंद्र नारायण झा तथा शिक्षिका माधुरी कुमारी के पुत्र शुभम कुमार झा का यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है.
नाना बने मार्गदर्शक, सफलता पर खुशी से झूम उठा परिवार
जैसे ही परिवार कों शुभम कि नीट यूजी 2025 सफलता कि खबर मिली परिवार खुशी से झूम उठा। आज उनकी सफलता से पूरा परिवार गदगद है। उनके पिता सफलता का श्रेय परिवार के लोगों के साथ-साथ शिक्षको को भी दे रहे हैं जिनके दिशा निर्देश के बिना यह सफलता पाना मुश्किल था।
शुभम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा घनश्यामपुर प्रखंड के अपने ननिहाल महथवार गांव में रहकर नाना कृष्ण कुमार मिश्र उर्फ भगवान बाबू की देखरेख में पूरी की। दरभंगा के निजी स्कूल से 12वीं करने के बाद दो वर्ष नीट की तैयारी की। अपनी सफलता का श्रेय शुभम ने अपनी मेहनत, शिक्षकों तथा परिजनों को दिया है।
कितना मुश्किल है नीट यूजी प्रवेश परीक्षा पास करना
बता दें कि नीट यूजी परीक्षा मुश्किल है क्योंकि इसमें उच्च प्रतिस्पर्धा है, विशाल पाठ्यक्रम है, और सीमित सीटें हैं। इसके अलावा, परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न अक्सर जटिल होते हैं, हर साल लाखों छात्र मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए NEET परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सीटों की संख्या सीमित होती है, जिससे प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ जाती है। NEET में पूछे जाने वाले प्रश्न अक्सर अवधारणा-आधारित और जटिल होते हैं, जिनमें छात्रों को उच्च स्तर की विश्लेषणात्मक और समस्या-समाधान कौशल की आवश्यकता होती है।

