बिहार में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है, जिसका असर भागलपुर में देखने के लिए मिला है सुबह से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर वासियों के साथ-साथ पुलिस वालों को भी परेशान किया है, बारिश ने भागलपुर पुलिस को ऐसा तंग किया कि पूरा थाना ही ठप हो गया है। यहां पुलिस वालों की परेशानी बढ़ रही है, दरअसल हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि शहर के सीवेज सिस्टम ऐसा है कि शहर के नाले का पानी थाने में ही जमा हो गया है, थाने का कामकाज ठीक हो गया है। यह हाल है नाथनगर थाना का । थाना में करीब तीन फीट तक भर गया है। थाने की हाजत, कंप्यूटर रूम और थानाध्यक्ष के कमरे में नाले का पानी घुस चुका है।
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को काफी परेशानी हो रही है। पुलिसकर्मी अपने को पानी से बचाने के लिए दूसरी कुर्सी पर पैर ऊपर रख रहे हैं। इसका वीडियो भी सामने आया है। लेकिन, हाजत में बंद एक आरोपी को घंटों पानी मे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पुलिसकर्मियों ने बताया कि थाना के सभी कमरे मे पानी हैं और हाजत मे बंद कुख्यात अपराधी हैं। कहीं दूसरे जगह शिफ्ट करने की जगह नही हैं। इस कारण से पानी से भरा हाजत मे ही रखा गया हैं। थाने का भवन भी बहुत पुराना हैं, जिसको लेकर मन में हमेशा डर बनी रहती हैं।
मूसलाधार बारिश के कारण नाथनगर थाना के हाजत में दो फीट तक पानी सुबह करीब चार बजे से ही घुस गया। हाजत में पहले से कुख्यात अपराधी को बंद रखा था। नाले के पानी के बीच आरोपी को करीब पांच घंटे तक खड़ा रहना पड़ा। सुबह करीब साढ़े नौ बजे के बाद हाजत से पानी बाहर निकला। गिरफ्तार आरोपी को हाजत से बाहर निकाल कर सफाई कराया गया। फिर हाजत में आरोपी को रखा गया।
हर साल मानसून के आते ही पुलिस कर्मियों को यहां काम करना बहुत मुश्किल हो जाता है। बारिश होने से थाना परिसर के साथ-साथ पुलिस बैरक मे भी पानी दो से तीन फीट पानी घुस जाता हैं। नाले की पानी बदबू होने से पुलिसकर्मियों की और भी परेशानी बढ़ जाती हैं।
नाथनगर थाना का भवन साल 1987 में बना था। यहां 1990 से थाना संचालित की जा रही हैं। भवन 38 साल पुराना होने के कारण जर्जर हो चुका है। हमेशा पुलिस कर्मियों को डर बना रहता हैं। पुलिसकर्मियों ने बताया कि कई बार भवन से गिट्टी और छज्जा गिरने से बाल पुलिसकर्मी बचे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर निगम की बड़ी लापरवाही है। इस कारण लोगों को परेशानी हो रही है।पिछले साल मूसलाधार बारिश होने से थाना में पानी घुस गया था। जिससे कई दस्तावेज पानी मे भींगने के कारण खराब भी हुआ था। कंप्यूटर के पार्ट्स भी खराब हुए थे।

