राजधानी पटना के पुनपुन में ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला के तर्ज पर बिहार के पहले केबल सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण हो रहा है। इसके लिए कैबिनेट ने 82 करोड़ 90 लाख 48000 स्वीकृत की है। पितृपक्ष मेले के शुरुआत के पहले ही उद्घाटन होने की संभावना है। पितृ पक्ष मेले में श्रद्धालु और पर्यटक पहली बार इस सस्पेंशन ब्रिज से होकर तर्पण और पिंडदान के लिए घाट तक जा सकेंगे।
कुल लंबाई 320 मीटर और चौड़ाई 11.50 मीटर होगी
जानकारी के लिए बता दें कि लक्ष्मण झूला पुल की कुल लंबाई 320 मीटर और चौड़ाई 11.50 मीटर होगी, जबकि दोनों ओर के पहुंच पथ की लंबाई 115 मीटर तय की गई है। इस पुल कों बन जाने से पिंडदान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को नदी पार करके इस पार से उस पार तक जाने के लिए यात्रा आसान, सुरक्षित और तेज़ हो जाएगी।
इन सुविधाओं का मिलेगा लाभ
जानकारी के लिए बता दें कि इस पुल के बन जाने से स्थानीय होटल, दुकान और बाजार को मिलेगा सीधा लाभ मिलेगा इसके साथ ही पैदल यात्रियों और हल्के चारपहिया वाहनों के लिए सुविधाजनक मार्ग मिलेगा। ऋषिकेश के तर्ज पर बनने वाले इस झूला पुनपुन के लिए विश्व पटल पर एक अलग पहचान स्थापित करेगी और एक नयी पहचान भी मिलेगी।
पुनपुन में 6 से 21 सितंबर तक विश्व प्रसिद्ध पितृ पक्ष मेला लगेगा
बता दें कि पुनपुन में 6 से 21 सितंबर तक विश्व प्रसिद्ध पितृ पक्ष मेला लगेगा। इस बार श्रद्धालु लक्ष्मण झूला जैसे केबल ब्रिज से घाट तक जा सकेंगे जानकारी के लिए बता दें कि गया से पहले पुनपुन में होता है पिंडदान
मान्यता है कि पितृपक्ष में पहला पिंडदान पुनपुन नदी के किनारे किया जाता है, इसलिए इसे प्रथम अंतरराष्ट्रीय पिंडदान स्थल माना जाता है. यहां के बाद ही श्रद्धालु गया में पिंडदान और तर्पण करते हैं.

