लगातार बारिश से गया में भारी तबाही हुई है। अब तक एक महिला सहित तीन व्यक्तियों के मरने की आशंका जतायी जा रही है। आधा दर्जन पुल भी धराशायी हो गए हैं। कई स्थानों पर सड़कों के कटाव से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया है और अपने अधीनस्थ अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आवश्यक उपाय करने का टास्क दिया है।
गया जिले में लगातार हो रही बारिश से भारी तबाही हुई है। बुधवार की सुबह से लगातार जिला मुख्यालय पहुंच रही रिपोर्टों के मुताबिक अलग-अलग क्षेत्र में एक महिला सहित तीन लोगों की मौत की खबर है, जबकि आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर सम्पर्क सड़कों के कट या बह जाने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। समूचे जिले में आधा दर्जन पुलिया भी पानी की तेज धार में बह गई है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावि हुई है।
दो सौ से अधिक परिवार बेघर, डीएम ने लिया जायजा
तेज बारिश और जलभराव की वजह से समूचे जिले में दौ सौ से अधिक परिवारों को अपना घर बार छोड़कर उंची जगहों पर शरण लेनी पड़ी है। कई विद्यालयों में भी पानी घुस गया है। आपदा से विस्थापित हुए परिवारों के लिए कई स्थानों पर सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गई है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार की शाम से लेकर बुधवार की सुबह तक 60 मिमि वर्षा रिकार्ड की गई है। बुधवार की दोपहर के बाद से बारिश थमी है। इससे पूर्व गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने शेरघाटी इलाके में कई स्थानों का दौरा कर बाढ़ा का जायजा लिया है। जिले की तमाम नदियां उफान पर हैं। शेरघाटी के गोपालपुर कस्बे में बाढ़ के पानी से घिरे लोगों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने कई घंटे तक जद्दोजहद कर उन्हें बाहर निकाला।

तेज धार वाली मड़ावर नदी में ग्रामीण के डूब मरने की आशंका
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक बांकेबाजार प्रखंड के टंडवा के निकट तेज धार वाली मड़ावर नदी में संतोष मांझी नामक एक ग्रामीण के डूब जाने की खबर है। छह घंटे की लगातार कोशिश के बावजूद ग्रामीण का कोई पता नहीं चला है। ग्रामीण के डूब मरने की आशंका जतायी जा रही है। इसी तरह बाराचट्टी प्रखंड के अदलपुर गांव के निकट एक ग्रामीण कैलाश मांझी के भी नदी में बह जाने की खबर है। सात घंटे की कोशिशों के बावजूद इस ग्रामीण का भी कोई पता नहीं चला है। गया शहर के न्यू करीमगंज में जोरदार बारिश के बीच एक दीवार गिर जाने के कारण एक महिला की मौत की खबर है। प्रशासन ने अबतक बारिश या बाढ़ से किसी के डूब मरने की पुष्टि नहीं की है।
बह गया पलकिया का 73 साल पुराना पुल
गया जिले के शेरघाटी शहर से निकट के पलकिया, फतेहपुर और शेरपुर आदि इलाके को जोड़ने वाली सड़क पर बने 73 साल पुराने एक पुल के बाढ़ में बह जाने से आवागमन बंद हो गया है। गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने आरडब्लुडी के शेरघाटी डिवीजन को 24 घंटे के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था कर मार्ग को चालू करने को कहा है। गोपालपुर के पास भी एक पुलिया के ध्वस्त हो जाने और सम्पर्क सड़क कट जाने के कारण लोगों की आवाजाही बंद हो गई है। बाराचट्टी में बीबी पेसरा और देवनिया के बीच सड़क कट जाने से कई गांवों के लोगों का आना जाना मुश्किल हो गया है। बोधगया के बतसपुर-छांछ मार्ग में भी कटाव के कारण वाहनों का गुजरना बंद हो गया है। शेरघाटी प्रखंड में भुजौल से इदुडीह गांव को जोड़ने वाले रास्ते की एक पुलिया के टूट जाने से आवागमन बंद हो गया है। बांकेबाजार से लुटुआ गांव को जोड़ने वाली सड़क भी बहेरा मोड़ के पास कट गई है। जोरदार बारिश की वजह से बोधगया को मोहनपुर से जोड़ने वाली सड़क में सिलौंजा गांव के पास सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है और कटाव का खतरा बना हुआ है। रौशनगंज थानाक्षेत्र के सोनपुर गांव में एक दम्पत्ति पर दीवार गिर जाने से दोनों घायल हो गए हैं। इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया है।
नदी पार करने में बह गए गुरुआ के 8 युवक, रेस्क्यू
गुरुआ प्रखंड के राजन गांव के पास नदी पार कर रहे फुलवरिया गांव के आठ युवक पानी की तेज धार में बह गए, जिन्हें आस पास के ग्रामीणों ने किसी तरह बाहर निकाला। बोधगया में धर्मारण्य वेदी के पास सड़क पर शीशम का एक विशाल पेड़ गिर जाने की वजह से घंटों रास्ता बंद रहा। शेरघाटी के पलकिया गांव में भी एक बड़े वृक्ष के रवि सिंह नामक नागरिक के घर पर गिर जाने के कारण मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। इस हादसे में घर के भीतर रहे लोग बाल बाल बच गए। लगातार हो रही बारिश की वजह से शेरघाटी के समोदबीघा, चेरकी, कुबड़ी, गोपालपुर, महमदपुर आदि इलाके में कई घरों में पानी घुस गया है। शेरघाटी के नई बाजार में भी महादलित परिवार के लोगों के घरों में पानी घुस गया। गया के डीएम के शेरघाटी दौरे के बाद विस्थापित हुए लोगों के लिए सामुदायिक रसोई शुरु की गई है। पीड़ित परिवारों के लिए रौशनी-पानी का इंतजाम करने को भी कहा गया है।
गया से एस.के.उल्लाह, गुड्डू की रिपोर्ट

