जन सुराज पार्टी ने सोमवार को बिहार की बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था और मुजफ्फरपुर की रेप पीड़िता बच्ची के साथ हुए अन्याय और के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के सरकारी आवास का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। कई जनसुराजी नेताओ कों हिरासत में भी लिया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती समेत कई नेता गिरफ्तार
जानकारी के मुताबिक प्रशासन की अनुमति के बिना ही जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मंत्री आवास पर जुटे। पुलिस ने जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, उपाध्यक्ष ललनजी, पूर्व विधायक किशोर कुमार समेत अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। इस प्रदर्शन के दौरान पटना की सड़कों पर जमकर हंगामा हुआ है। घटनास्थल पर स्थिति तनावपूर्ण रही, हालांकि पुलिस का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
नीतीश कुमार की तानाशाही अब अपने अंतिम दौर में है – जनसुराज
जनसुराज ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट शेयर कर लिखा कि मुजफ्फरपुर की रेप पीड़िता बच्ची के साथ हुए अन्याय और स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही के खिलाफ स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के घर के बाहर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे जन सुराज के नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि नीतीश कुमार की तानाशाही अब अपने अंतिम दौर में है.
क्या है मुजफ्फरपुर कि रेप पीड़िता के मौत का मामला?
26 मई 20 को मुजफ्फरपुर में 9 साल की दलित नाबालिंग लड़की से बलात्कार हुआ था. आरोपी ने उसके गर्दन और पेट पर चाकू से कई बार वार किया था. जिसके एक सप्ताह बाद बच्ची की जान चली गई. पीड़िता की मां ने आरोप लगाया था कि जब वह बेटी को एमकेएमसीएच से पीएमसीएच ले गई तो वहां 3-4 घंटे तक उसे बेड नहीं मिला. एंबुलेंस में हालत ज्यादा बिगड़ गई जिसके कारण मौत हो गई थी। पीड़िता की मौत के बाद यह आरोप लगे थे कि पटना के पीएमसीएच में पीड़िता को ठीक ढंग से और सही समय पर इलाज नहीं मिला था। पीड़िता की मौत के बाद जन सुराज समेत अन्य सभी विपक्षी दलों ने बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। जन सुराज ने बिहार में खराब स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का इस्तीफा भी मांगा था।

