PA ने बनाई खुद की पार्टी, बिहार के राजनीति में मची खलबली

बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारी चल रही है। ऐसे में बिहार की राजनीति में कब क्या हो जाये कहा नहीं जा सकता है। कभी ( निजी सहायक) PA रहने वाले व्यक्ति ने ही अपने नेता से दूर होकर खुद की नयी पार्टी बना ली पार्टी का नाम ऐसा रखा की पढ़कर हर कोई हैरान हो गया। नयी पार्टी के गठन के बिहार के राजनीति खलबली मच गयी है।

क्या है मामला ?

दरअसल यह खबर सन ऑफ मल्लाह कहे जाने वाले विकाशशील इंसान पार्टी ( VIP ) के संरक्षक मुकेश से जुड़ा हुआ है। कभी मुकेश सहनी के कभी निजी सहायक ( PA ) रहे प्रदीप निषाद ने भी अपनी पार्टी बना ली है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP) रखा है।

सभी जाति, धर्म और संप्रदाय के लोगों लेकर चलेगी ये पार्टी – प्रदीप निषाद

पार्टी बनाने के बाद प्रदीप निषाद ने दावा किया कि इस पार्टी में सभी जाति, धर्म और संप्रदाय के लोगों की पूर्ण सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि खासकर निषाद समाज की सभी उपजातियों को एक सूत्र में बांधकर उनके वाजिब हक और अधिकार दिलाने की दिशा में पार्टी काम करेगी। युवाओं और महिलाओं को नेतृत्व में बड़ी भूमिका दी जाएगी।

कौन है प्रदीप निषाद ?

वीवीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं प्रदीप निषाद जो मल्लाह समाज से आते हैं और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. ये कभी मुकेश साहनी के निजी सहायक ( PA ) हुआ करते थे. लेकिन 2022 के उत्तर प्रदेश की चुनाव के वक्त दोनों में दूरियां हो गई थी और अब बिहार विधानसभा चुनाव में प्रदीप निषाद जचुनाव मैदान में अपना दम दिखाने वाले हैं.

क्या मुकेश सहनी के लिए घातक साबित होंगे प्रदीप ?

वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और वीवीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप निषाद दोनों स्वजातीय है दोनों मलाह समाज से आते है ऐसे में पहले से बिहार की राजनीति में सक्रिय मुकेश सहनी के लिए प्रदीप विधानसभा चुनाव में घातक साबित हो सकते है. बिहार विधानसभा चुनाव में मल्लाह जाति के वोटों को साधेंगे जिसका असर होने वाला विधानसभा में दिखेगा।

बेइज्जती का बदला लेने के लिया किया पार्टी का गठन

चर्चा यह भी है की प्रदीप ने यह पार्टी का गठन अपने साथ हुई बेइज्जती का बदला लेने के लिए किया है दरअसल उत्तर प्रदेश के चुनाव में मुकेश सहनी के साथ काफी सक्रिय भूमिका में थे, लेकिन एक मंच पर मुकेश सहनी के करीबी नेता के जरिए विवाद गया था उस वक्त से प्रदीप निषाद मुकेश सहनी से अलग हो गए थे.