चिराग के मंत्री ने मांझी पर दिया ऐसा बयान, सुनकर हर कोई हैरान

पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर सियासी घमासान तेज है। सरकार जहां आवास खाली कराने की प्रक्रिया को नियमों के तहत बता रही है, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटा है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के आवास को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

राजद की ओर से यह सवाल उठाया गया कि जब कई नेताओं के पास बड़े सरकारी आवास हैं तो केवल राबड़ी देवी के आवास को लेकर ही कार्रवाई क्यों की जा रही है। इस दौरान जीतन राम मांझी के सरकारी आवास का मुद्दा भी चर्चा में आ गया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री संजय सिंह ने पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि जीतन राम मांझी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं और इसी हैसियत से उन्हें आवास मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि मांझी की पार्टी का कार्यालय भी उसी परिसर में संचालित होता है।

मंत्री संजय सिंह ने राबड़ी देवी के आवास विवाद पर कहा कि उनसे आवास छीना नहीं जा रहा है, बल्कि उन्हें दूसरा आवास आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार नियमों के अनुसार काम करती है और आवास आवंटन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत हो रही है।

हालांकि, मंत्री के इस बयान के बाद नई बहस शुरू हो गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि किसी सरकारी आवास में पार्टी कार्यालय का संचालन आवास आवंटन का आधार कैसे हो सकता है।

उधर, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) की ओर से हाल ही में जारी बयान में दावा किया गया कि केंद्रीय मंत्री जिस 12 एम, स्टैंड रोड स्थित आवास में रह रहे हैं, वह उनके नाम पर आवंटित नहीं है। पार्टी के अनुसार यह आवास बाराचट्टी से विधायक के नाम पर आवंटित है और बिहार सरकार की ओर से मांझी को अलग से कोई सरकारी आवास आवंटित नहीं किया गया है।

यहीं से एक और सवाल खड़ा हो रहा है कि यदि आवास विधायक ज्योति देवी के नाम पर आवंटित है, तो उन्हें कई मंत्रियों से बड़ा सरकारी बंगला कैसे मिला। हालांकि इस पूरे विवाद के बीच एनडीए के सहयोगी दल एकजुट नजर आ रहे हैं और आवास आवंटन के मुद्दे पर सरकार का बचाव कर रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राबड़ी आवास विवाद के बहाने बिहार में सरकारी आवासों के आवंटन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है, जिसका असर आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।