श्रावणी मेला को लेकर PHED अलर्ट! मंत्री बोले- सेवा में नहीं छोड़ेंगे कोई कसर

पटना/भागलपुर: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर बिहार सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। लाखों शिवभक्तों और कांवरियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने अभी से कमर कस ली है। विभागीय तैयारियों की समीक्षा को लेकर हाल ही में भागलपुर जोन की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री संजय सिंह ने अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।


बैठक के दौरान मंत्री संजय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवरियों को रास्ते में पेयजल, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध हों।

मीडिया से बातचीत में मंत्री संजय सिंह ने बताया कि कांवरिया पथ पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के लिए वाटर स्प्रिंकलर, सिंटेक्स टैंक और वाटर एटीएम लगाए जाएंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए आश्रय स्थलों, स्थायी एवं अस्थायी शौचालयों तथा स्नानागारों का निर्माण समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार पीएचईडी विभाग पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक व्यापक स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा तथा विभागीय शिविरों में भी श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था की जाएगी।

श्रावणी मेला में PHED की क्या भूमिका होती है?


श्रावणी मेला के दौरान पीएचईडी विभाग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण विभागों में मानी जाती है। विभाग की जिम्मेदारी कांवरिया पथ और मेला क्षेत्र में:


शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना
अस्थायी और स्थायी जलापूर्ति केंद्र स्थापित करना
वाटर एटीएम एवं पानी के टैंकर की व्यवस्था करना
शौचालय और स्नानागार बनवाना
स्वच्छता एवं साफ-सफाई की निगरानी करना
विश्राम स्थलों पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना
लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विभाग चौबीसों घंटे निगरानी रखता है ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो।

कितना लंबा है कांवरिया पथ?


श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालु बिहार के सुल्तानगंज में उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक पैदल यात्रा करते हैं। यह कांवरिया पथ लगभग 105 किलोमीटर लंबा माना जाता है। इस पूरे मार्ग पर विभिन्न विभागों द्वारा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिनमें पीएचईडी की भूमिका अहम होती है।


क्यों आयोजित होता है श्रावणी मेला?


श्रावणी मेला भगवान शिव की आराधना से जुड़ा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। हिंदू मान्यता के अनुसार श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक करते हैं। सावन माह में लाखों श्रद्धालु यह यात्रा करते हैं। इसी कारण हर वर्ष श्रावण मास में इस विशाल मेले का आयोजन होता है।


उधर, पीएचईडी विभाग में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जलापूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन द्वारा लगातार तैयारियों की समीक्षा की जा रही है ताकि इस वर्ष श्रावणी मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।