प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के लिए एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि बिहार में जल्द ही रेपिड रेल सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने भी सहमति दे दी है।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि इस परियोजना पर काम शुरू हो चुका है और आने वाले समय में पटना से गया, राजगीर और बेगूसराय जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। उनके अनुसार, पटना से गया और पटना से राजगीर की दूरी अब महज 40 मिनट में तय की जा सकेगी। इसी तरह पटना से बेगूसराय के लिए भी 40 मिनट में यात्रा कराने की योजना है।
उन्होंने यह भी बताया कि रेपिड रेल सेवा शुरू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यात्रियों के लिए यह सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प भी साबित होगा। साथ ही, इससे राज्य के आर्थिक और धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा, खासकर गया और राजगीर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को।
मुख्यमंत्री के बयान से संकेत मिलता है कि सबसे पहले पटना–गया रूट पर रेपिड रेल सेवा शुरू की जा सकती है, जिसके बाद इसे पटना–राजगीर और पटना–बेगूसराय तक विस्तार दिया जाएगा।
क्या है रेपिड रेल (RRTS)?
रेपिड रेल, जिसे तकनीकी रूप से रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कहा जाता है, एक आधुनिक और तेज़ रफ्तार रेल सेवा है। यह शहरों के बीच कम समय में यात्रा के लिए विकसित की जाती है।
- इसकी अधिकतम गति लगभग 160 किमी/घंटा तक हो सकती है
- यह मेट्रो से तेज और लंबी दूरी के लिए उपयुक्त होती है
- इसमें आधुनिक सुविधाएं जैसे एसी कोच, आरामदायक सीटें और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था होती है
देश में कहां चल रही है रेपिड रेल?
भारत में पहली रेपिड रेल सेवा दिल्ली–मेरठ कॉरिडोर पर शुरू की गई है, जिसे “नमो भारत” (RapidX) के नाम से जाना जाता है। यह परियोजना देश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
अगर यह योजना समय पर लागू होती है, तो बिहार में परिवहन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और आम लोगों की यात्रा पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी।

