बिहार सरकार ने राज्य के शहरी विकास को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के तहत राज्य के सभी प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक को हटा दिया गया है। इस निर्णय से लंबे समय से प्रभावित जमीन मालिकों और निवेशकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, सरकार ने पहले इन क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण और अव्यवस्थित विकास को रोकने के लिए जमीन के लेन-देन पर प्रतिबंध लगाया था। यह रोक तब तक लागू थी जब तक इन टाउनशिप का मास्टर प्लान तैयार नहीं हो जाता। अब सरकार का मानना है कि योजना को आगे बढ़ाने और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए जमीन लेन-देन को अनुमति देना जरूरी है। इससे न सिर्फ रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी आएगी बल्कि निवेश के नए अवसर भी खुलेंगे।
राज्य में कुल 11 शहरों में आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना है, जिनमें पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत कई प्रमुख शहर शामिल हैं। सरकार की इस पहल का उद्देश्य इन क्षेत्रों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यवस्थित आवास, व्यापारिक केंद्र और आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है, ताकि बड़े शहरों पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस फैसले सेरियल एस्टेट सेक्टर में गतिविधि बढ़ेगीनिवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगेयोजनाबद्ध शहरी विकास को गति मिलेगी.
हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले के साथ कई अन्य विकास योजनाओं को भी मंजूरी दी गई, जो बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरीकरण को नई दिशा देने वाली मानी जा रही हैं।

