सरकारी अस्पताल की कुव्यवस्था उजागर करना पत्रकार को पड़ा भारी, जान को खतरा

गया: बिहार के गया जिले स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाल व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार को उजागर करना अब पत्रकारों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है।वरिष्ठ पत्रकार जीतेन्द्र मिश्रा को अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर लगातार खबरें लिखने के कारण कथित रूप से जान से मारने और उठा लेने की धमकी मिली है।


बताया जाता है कि जीतेन्द्र मिश्रा लंबे समय से अस्पताल की खराब व्यवस्थाओं, सुरक्षा खामियों और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को अपनी रिपोर्ट के माध्यम से उजागर करते रहे हैं। उनकी बेबाक और निर्भीक पत्रकारिता के कारण कई बार अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़े हुए हैं। अब यही बेबाकी उनकी सुरक्षा के लिए खतरा बनती दिख रही है।

अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था फिलहाल एक निजी एजेंसी के हाथों में है। इसी व्यवस्था की कमियों को लेकर मिश्रा लगातार खबरें प्रकाशित कर रहे थे। इसी बीच उन्हें धमकी मिलने की घटना सामने आई है, जिससे पत्रकार जगत में आक्रोश है। इसे स्वतंत्र और ईमानदार पत्रकारिता का गला घोंटने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

इस मामले में श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, गया जिला इकाई के जिलाध्यक्ष रंजन सिन्हा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

धमकियों के बावजूद जीतेन्द्र मिश्रा अपनी पत्रकारिता जारी रखे हुए हैं। हाल ही में उनकी एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई, जिसमें अस्पताल की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण मरीज के परिजन उसे स्कूटी के जरिए वार्ड तक ले गए और बाद में बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ा।

गौरतलब है कि अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल से जुड़े कुछ अधिकारी और निजी एजेंसी के लोग नहीं चाहते कि यहां की खामियां और भ्रष्टाचार आम जनता तक पहुंचे। पूर्व में भी पत्रकारों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

ऐसे में यह मामला न सिर्फ एक पत्रकार की सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के अस्तित्व पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।