कौन हैं अभय गिरी? बिहार के मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा तेज

भाजपा नेता अभय गिरी

अभय कुमार गिरी इन दिनों बिहार की राजनीति में तेजी से उभरते हुए एक प्रमुख नाम बन चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इस नेता को पार्टी का “संकटमोचक” भी कहा जाता है, क्योंकि संगठन जब भी किसी मुश्किल दौर में होता है, वहां अभय गिरी को जिम्मेदारी दी जाती है. वर्तमान में अभय गिरी पूर्वोत्तर भारत, खासकर नागालैंड और मणिपुर में पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे भाजपा में राज्य महासचिव (संगठन) के पद पर कार्यरत हैं और मणिपुर के प्रभारी भी रह चुके हैं। ऐसे क्षेत्रों में, जहां काम करना चुनौतीपूर्ण माना जाता है, वहां जाकर उन्होंने संगठन को खड़ा करने का काम किया है.


बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी ब्लॉक के एक साधारण परिवार से निकलकर अभय गिरी ने अपनी मेहनत और सादगी के दम पर राजनीति में एक खास पहचान बनाई है। आज उनकी चर्चा दिल्ली से लेकर पटना तक हो रही है। संगठन में उनकी पकड़ और कार्यशैली ने उन्हें पार्टी नेतृत्व के भरोसेमंद नेताओं में शामिल कर दिया है.


बताया जाता है कि वे नरेंद्र मोदी के करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं. उनकी कार्यशैली की तुलना अक्सर नीतीश कुमार और मोदी की दूरदर्शी सोच से की जाती है. इन्हीं कारणों से अब बिहार की राजनीति में यह चर्चा तेज हो गई है कि अभय गिरी को भविष्य में मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाया जा सकता है. हालांकि, इसको लेकर अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.