प्रतीक यादव की मौ/त: पूर्व IPS दास के दावे से मचा राजनीतिक बवाल

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में हुए निधन ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव लंबे समय से डिप्रेशन से जूझ रहे थे और गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। हालांकि उनकी मौत की असली वजह क्या है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

इसी बीच बिहार कैडर के पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ दास के बयान ने पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। अमिताभ दास ने दावा किया है कि भाजपा में शामिल होने के दबाव के कारण प्रतीक यादव की हत्या हुई हो सकती है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, प्राथमिक जांच में सस्पेक्टेड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि जांच एजेंसियों का कहना है कि यह दवा के रिएक्शन, फूड पॉइज़निंग या किसी अन्य मेडिकल कारण से भी हो सकता है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की जांच में जुटी हैं।

वहीं अभी तक किसी भी सरकारी एजेंसी या प्रशासन की ओर से हत्या या साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।