पटना में कथित नीट छात्रा के साथ दुष्कर्म और मौत का मामला लगातार नया मोड़ लेता जा रहा है। घटना के बाद से ही यह मामला न केवल कानूनी जांच बल्कि सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है। हालांकि बिहार पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) और केंद्रीय एजेंसी CBI अब तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है, जिससे पीड़िता के परिजनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
परिजनों का विरोध और मांग
पीड़िता के परिजनों ने हाल ही में गर्दनीबाग, पटना में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कई गंभीर मांगें उठाईं, जिनमें प्रमुख रूप से सीएम Nitish Kumar के बेटे निशांत कुमार का सैंपल लेने की मांग भी शामिल रही। परिजनों का आरोप है कि इस मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है और जांच निष्पक्ष नहीं हो रही।
घटना को लेकर अलग-अलग दावे
मामले को लेकर सबसे बड़ा विवाद अलग-अलग दावों को लेकर सामने आया है। एक ओर पीड़िता के परिवार का कहना है कि पटना के एक हॉस्टल संचालक ने उनकी बेटी के साथ गलत किया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर, चर्चित पत्रकार संतोष सिंह इस मामले को लेकर लगातार अलग दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि पटना में कोई घटना नहीं हुई, बल्कि पूरी घटना जहानाबाद में हुई है और इसमें पीड़िता के करीबी लोग शामिल हैं। वे अपने सोशल मीडिया और यूट्यूब चैनल के माध्यम से यह बातें लगातार साझा कर रहे हैं।
विवादित बयान और नया आरोप
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब संतोष सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि पीड़िता के पिता उन्हें गोली मारने और जिंदा जलाने की धमकी दे रहे हैं. हालांकि, इस कथित बयान की अब तक किसी आधिकारिक माध्यम या मुख्यधारा मीडिया में पुष्टि नहीं हुई है। यह जानकारी स्वयं पत्रकार द्वारा फेसबुक पोस्ट के जरिए साझा की गई है।
जांच पर सवाल
अब तक SIT और CBI के हाथ खाली होने से जांच की दिशा और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
कोई स्पष्ट आरोपी सामने नहीं आया
घटनास्थल को लेकर भ्रम बना हुआ है
परिजनों और पत्रकार के दावों में बड़ा अंतर है

